राष्ट्रीय किसान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं0 शेखर दीक्षित ने प्रधानमंत्री को लिखा खत

Youth Leader

लखनऊ- देश में कोरोना महामारी से बचाव के लिए जो कार्य सरकार द्वारा किये जा रहे है उसके प्रति हम कृतज्ञता व्यक्त करते है राष्ट्रीय किसान मंच लगातार समाज में सेवा का कार्य पूरे मनोयोग से सरकार के आहवाहन पर कर रहा है । समाज के विभिन्न मतमतान्तर के लोग भी साथ ही अपनी सेवा दे रहे ,लेकिन वर्तमान समय सबको साथ लेकर व सबके साथ मिलकर काम करने का है वर्तमान परिस्थितियो पर गौर करने से पता चला है कि देश में लाॅकडाउन के चलते निजी क्षेत्र में 85प्रतिशत और असंठित क्षेत्र के 93 प्रतिशत श्रमिको का जीवन घेार संकट में है देश में बेरोजगारी दर में और बढोत्तरी के संभावना से इनकार नही किया जा सकता विभिन्न प्रदेशो मे काम करने वाले श्रमिक और कामगार लाखो की संख्या में अपने घरो की ओर पलायन करने को मजबूर हुए है देश हित में लाॅकडाउन का निणर्य सराहनीय है लेकिन इस बीच लगभग पाॅच करोड लोगेो के बेरोजगार होने का अनुमान है।इस दशा में कही ऐसा न हो कि लोग महामारी से बच जायेगे लेकिन कही उक्त श्रमिक परिवार भुखमरी के आगोश में न समा जाए ऐसी दशा में सरकार को इन बिन्दुओ पर गहनता से बिचार कर श्रमिको के जीवन रक्षा के लिए कोई कारगर योेजना तैयार करने पर विचार करना चाहिए।
देश के नाम संम्बोधन में यह स्पष्ट किया गया था कि स्वयं सेवी संस्थाए आगे आए और इस महामारी से निपटने में सरकार का सहयोग करे लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है सम्बन्धित अधिकारी जिन्हे लोगो को राहत पहुचाने की जिम्मेदारी दी गयी है वह यह चाहते हैकि सहयोगी संस्था जो भी सहयोग करना चाहे वह सीधे तौर पर जिला प्रशासन या तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी के कार्यालय में सहयोग राशि या सामग्री जमा कर सकते है ऐसी दशा में पारदिर्शिता सम्भव नही है ।इस विषय में आवश्य दिशा निर्द्रेश जारी करने की आवश्यकता है । ताकि स्वयं सेवी संस्थाए लोगो तक आसानी से राहत सामग्री पहुचा सके।
सरकार द्वारा जो राशन अनत्योदय कार्ड धारको को दिया जाना है उसमें भी लगातार शिकायते प्राप्त हो रही है अपेक्षित लोगो तक सरकार द्वारा दी जाने वाली राहत सामग्री पहुचे यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
वर्तमान परिस्थितियो को ध्यान में रखते हुए यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि समाज में धार्मिक सदभावना बनी रहे इस समय जो चर्चा देश मे विशेष समुदाय को लेकर हो रही है इसे गभीरता के साथ समझना होगा ताकि देश में सादियो से चला आ रहा भाईचारा बना रहे। महामारी से जूझ रहे देश में अन्नदाता के योगदान को भी सराहा जाना चाहिए कि जब पूरा देश लाॅकडाउन के चलते लोग घरो में है ऐसाी परिस्थिति में अन्नदाता अपने खेतो में काम करने को विवश है अनाज तैयार कर मण्डी ला रहा है साथ चीनी मिलो में गन्ने की आपूर्ति निर्वाध रूप से चल रही है ऐसी दशा में अन्नदाता को विशेष पैकेज के माध्यम से अर्थिक सहयोग किये जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। चूकि देश का अन्नदाता यदि टूटा तो देश के समक्ष एक नये संकट के खडे होने से इन्कार नही किया जा सकता।
संगठन उपरोक्त विषयो पर सरकार से सहानुभूमि पूर्वक विचार करने की अपेक्षा रखता है।